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UK और खाड़ी देशों में बढ़ा भागलपुर के जर्दालू आम का क्रेज
नई दिल्ली/भागलपुर: बिहार के भागलपुर का प्रसिद्ध जर्दालू आम अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशी बाजारों में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। ब्रिटेन और खाड़ी देशों में इसकी मांग बढ़ने के बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि इसके निर्यात को आसान बनाने के लिए पटना में कार्गो सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। जर्दालू आम को वर्ष 2018 में GI टैग मिल चुका है। अपनी खास खुशबू, मिठास और स्वाद के कारण यह आम बिहार की प्रमुख पहचान वाले कृषि उत्पादों में शामिल है।
ब्रिटेन और खाड़ी देशों में बढ़ी मांग
भागलपुर के जर्दालू आम की विदेशी बाजारों में मांग लगातार बढ़ी है। वर्ष 2021 में इसकी पहली व्यावसायिक खेप ब्रिटेन भेजी गई थी। इसके अलावा दुबई और अन्य खाड़ी बाजारों में भी जर्दालू को लेकर खरीदारों की रुचि सामने आती रही है। विदेशी बाजारों तक पहुंच बढ़ने से भागलपुर के आम उत्पादकों को अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निर्यात बढ़ाने के लिए गुणवत्ता, पैकेजिंग, कोल्ड-चेन और समय पर परिवहन जैसी व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण हैं।
पटना कार्गो से निर्यात को मिलेगी रफ्तार
सरकार की ओर से निर्यात के लिए पटना में कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने की जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब बिहार के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। बेहतर एयर-कार्गो कनेक्टिविटी से आम को कम समय में विदेशी बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इससे जर्दालू आम के अलावा बिहार के दूसरे उच्च मूल्य वाले कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
किसानों के लिए बढ़ेगा बाजार
जर्दालू की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ने का सीधा फायदा भागलपुर के आम उत्पादकों को मिल सकता है। निर्यात बाजार में मांग बढ़ने से किसानों को बेहतर कीमत और नए खरीदार मिलने की संभावना रहती है। हाल के वर्षों में जर्दालू को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के लिए किसानों और उत्पादक संगठनों को विदेशी बाजारों की जानकारी देने की पहल भी हुई है। अगर निर्यात के लिए गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग, तेज लॉजिस्टिक्स और एयर-कार्गो नेटवर्क को लगातार मजबूत किया जाता है, तो भागलपुर का जर्दालू आम आने वाले समय में बिहार के प्रमुख कृषि निर्यात उत्पादों में अपनी जगह और मजबूत कर सकता है।
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